.

काश मैं अनुराग होता...डॉ अमर (साभार डॉ अनुराग आर्य)

Posted on
  • Saturday, September 3, 2011
  • by
  • Khushdeep Sehgal
  • in
  • Labels: ,
  • डॉ अनुराग आर्य के लिए डॉ अमर कुमार का ये कहना कि काश मैं अनुराग होता...अपने आप में ही सब कुछ कह देता है, इसके आगे कुछ भी कहने के लिए नहीं बचता...



    काश मैं भी अनुराग होता,
    और यहाँ दर्ज़ करता... तेज औ’ शातिर निगाहों से इन्फ़ेक्टेड बचपन की यादें... बनते और फूटते यादों के बुलबुले... उन बुलबुलों में उभरते मिटते रँगीन नक्शे...उन फ़ानी बुलबुलों पर उतर आये नक्शों की बदलती रँगीनियों के मायने.. जो अपनी उम्र के अलग अलग मुकाम पर अपना अलग अहसास छोड़ जाते.. इधर मैं अपनी उम्र के मुकाम के हिसाब से हर बार उन्हें चौंक कर देखता.. उनके लिये अल्फ़ाज़ तलाशने को उन पर आँखें गड़ाता मैं... पहचान लिये जाने पर चँद शोख बुलबुले इतराते हुये आसमान को बढ़ लेते.. आवारा यादों के यूँ ढँगर-ढँगर डोलते रहने की यही सज़ा होती हो, शायद... मायूस से कुछ बुलबुले भारी मन से ज़मीन पर लेट जाते.. और कुछ गीली निशानियाँ वहाँ छॊड़ते हुये बेबस दम तोड़ जाते.... पर कुछ तो जैसे चिढ़ कर झुँड बनाते हुये बुज़्ज़ों की शक्ल में मेरे चेहरे पर दस्तक देने की जल्दबाजी में खुद ही फूट जाते... तब मैं एक अज़ीब अहसास से शर्मा जाता..
    वैसे शर्माना तो आज भी पड़ रहा है, क्योंकि मैं डॉ. अनुराग नहीं हूँ.... जो इतना अच्छा लिख सके.. जिसमें एक स्केच की लकीरों सी सच्चाई हो.. न रँग न रोग़न.. सिर्फ़ सच्चाई, जिसे आप अपनी तरह से गढ़ सकें !
    बहुत अच्छे... आसमाँ से ज़मीन की तरफ़ तकने में तुम कामयाब हो, शाबास अनुराग
    (लिखना तो चाहता था, शाबास मेरे बच्चे)
    खुले विचारों पर बँद दरवाज़ा..
    बस यही एक ख़लिश नहीं जाती
    पर अब शिकायत भी न करूँगा

    29 जनवरी 2011, 5.15 PM

    1 comments:

    DR. ANWER JAMAL said...

    अनुराग आर्य का नाम आज हमने पहली बार सुना है।
    आपकी कोशिश का एक फल यह भी निकल रहा है कि नए नए ब्लॉगर्स जो कि वास्तव में पुराने ब्लॉगर हैं , के नाम सामने आ रहे हैं।

    शुक्रिया !
    तर्क मज़बूत और शैली शालीन रखें ब्लॉगर्स :-
    हमारा संवाद नवभारत टाइम्स की साइट पर ,


    दो पोस्ट्स पर ये कुछ कमेंट्स हमने अलग अलग लोगों के सवालों जवाब में दिए हैं। रिकॉर्ड रखने की ग़र्ज़ से इन्हें एक पोस्ट की शक्ल दी जा रही है।

    Post a Comment

     
    Copyright (c) 2010. अमर कहानियां All Rights Reserved.