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ब्लॉगिंग सिर्फ टाइमपास नहीं...डॉ अमर (...खुशदीप)

Posted on
  • Thursday, September 15, 2011
  • by
  • Khushdeep Sehgal
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  • सितंबर 2009 में मुझे फरीदाबाद में पहली बार किसी ब्लॉगर मीट में हिस्सा लेने का मौका मिला था...इसका आयोजन अविनाश वाचस्पति भाई ने कराया था...उस मीट से लौटकर मैंने रिपोर्टिंग की थी...उसी पोस्ट पर डॉ अमर कुमार की ये टिप्पणी आई थी...

    डा० अमर कुमार said...

    सत्य वचन..
    ब्लॉग के माध्यम को बड़ा सीरियसली लिया जाना चाहिए...सिर्फ टाइम पास या मनोरजंन के नज़रिए से ही नहीं लिया जाना चाहिए...
    पर अपने हिन्दी ब्लागर तो अभी इसी पर एकमत नहीं हो पा रहे हैं, कि यह चीज एक माध्यम तो है, पर आख़िर है क्या.. टाइमपास, मनोविनोद या जस्ट मीन्स आफ़ परगेशन ?
    ब्लाग जनमत को अपने सँग बहा ले जाने में, आम सोच को नयी दिशा देने में और प्रिंट एवँ इलेक्ट्रानिक मीदिया की निगहबानी करने में इस कदर सक्षम है, कि तानाशाही और कम्युनिस्ट सरकारें ब्लागर के नाम पर खौफ़ खाती हैं देखें वह सुबह यहाँ कब आती है ?
    पर मेरे विद्वान मित्र, ब्लागिंग जगत में कुछ आइकन्स कहाँ से प्रविष्ट हो गये ? इनके आइकनत्व का मानक लैक्टोमीटर कहाँ से आया, यह आश्चर्य बना रहेगा
    फिलवक्त तो अपने ब्लागजगत में स्थिति यह है कि,
    उष्ट्राणाम् विवाहेषु गीतम् गायंति गर्दभाः |
    परस्परम् प्रशंसति, अहो रूपम्, अहो ध्वनिः।|

    September 14, 2009 1:04 AM

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    नोट- अब मेरे पास डॉ अनुराग आर्य की पोस्टों पर आई डॉ अमर कुमार की टिप्पणियों के अलावा मेरे ब्लॉग पर आई टिप्पणियां ही इस ब्लॉग पर डालने को शेष है...आप सबसे अनुरोध है कि डॉ अमर कुमार के जो अनमोल वचन आपके पास हैं, उन्हें संचयित करने में अपना सहयोग दीजिए...मेरा ईमेल एड्रेस है...   sehgalkd@gmail.com

    1 comments:

    DR. ANWER JAMAL said...

    इस मामले में डा. अमर के विचार डा. अनवर से पूरी तरह मिलते हैं ।

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