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अतुलनीय स्मृति सँचयन...डॉ अमर (साभार डॉ अनुराग आर्य)

Posted on
  • Tuesday, September 13, 2011
  • by
  • Khushdeep Sehgal
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  • डॉ अमर कुमार की टिप्पणियां ब्लॉग के लिए एकत्र करने की कोशिश में मुझे डॉ अनुराग आर्य को पढ़ने का मौका मिल रहा है...और मैं खुद को कोस रहा हूं कि डॉ अनुराग के नैसर्गिक लेखन में डूबने से पहले क्यों दूर रहा...डॉ अनुराग की पोस्ट पर आई डॉ अमर कुमार की ये टिप्पणी अपने आप में सब कुछ कह रही है...



    http://anuragarya.blogspot.com/2010/02/blog-post_19.html

    डा० अमर कुमार ने कहा…

    अतुलनीय स्मृति सँचयन,
    सार सँक्षेप शैली ऎसी कि पाठक विवश हो इन टुकड़ों की गहराई में उतरने को बाध्य हो जायें ।
    ब्रेक लगाओ..ब्रेक जैसा सँयम तुमने कई जगह दिखाया है.. पर प्लास्टर वाली बात से शुरुआत, पाठकों को बरबस ही हमदर्द नज़रिये से पोस्ट पढ़ने और महसूस करने को मज़बूर करती रहती है । यह एक सफल शिल्प है... बस यही कि अतुलनीय स्मृति सँचयन !


    पिछले कुछ दिनों से मुझे पोस्ट की सूचना क्यों नहीं मिल पाती ? मनोज जी की चर्चा से यहाँ पहुँचना.. मेरे लिये शर्मनाक है, न.. कि नहीं ?

    नोट- अब मेरे पास डॉ अनुराग आर्य की पोस्टों पर आई डॉ अमर कुमार की टिप्पणियों के अलावा मेरे ब्लॉग पर आई टिप्पणियां ही इस ब्लॉग पर डालने को शेष है...आप सबसे अनुरोध है कि डॉ अमर कुमार के जो अनमोल वचन आपके पास हैं, उन्हें संचयित करने में अपना सहयोग दीजिए...मेरा ईमेल एड्रेस है...   sehgalkd@gmail.com

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