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ब्लागर दुनिया खूबसूरत, पर है मँज़िल लापता यारों...डॉ अमर कुमार

Posted on
  • Saturday, September 10, 2011
  • by
  • Khushdeep Sehgal
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  • 16 अगस्त 2009 को देशनामा पर मैंने पहली पोस्ट लिखी थी...खुशकिस्मत रहा कि पंद्रह दिन की ब्लॉगिंग के बाद ही मुझे डॉ अमर कुमार की पहली टिप्पणी मिल गई...तारीख थी 2 सितंबर 2009...इसके पांच दिन बाद ही  7 सितंबर को फिर डॉक्टर साहब की दूसरी टिप्पणी मिली...देखिए इन दोनों टिप्पणियों को मूल लिंक के साथ...



    डा० अमर कुमार said...

    ब्लागर दुनिया खूबसूरत तो है, पर है मँज़िल लापता यारों
    फ़िक्रमँद क्यों ग़र किसी ने दोस्ती कर ली या दुश्मनी कर ली
    September 2, 2009 2:37 AM


    डा० अमर कुमार said...

    लेकिन बाहर के राम लोगों पर भारी पड़ रहे हैं,
    अँतर का रावण हुँकार भर रहा है
    भारतदेश रामलीला का मैदान बना हुआ है
    राम भली करें अँतर्मन के राम की !

    September 7, 2009 2:03 AM

    3 comments:

    Shah Nawaz said...

    Ek-ek Shabd Maynekhez hai... Abhi tak bhi yaqeen nahi aa raha hai ki Dr. Sahab door chale gaye hain...

    Udan Tashtari said...

    यही सब यादें छोड़ गये हैं हम लोगों के लिए.....

    यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

    कल 10/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल (विभा रानी श्रीवास्तव जी की प्रस्तुति में) पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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